Kyun ho jata hai Brain hemorrhage , janiye iske Karan aur treatment

 आधुनिक शहरी जीवन के दबाव, तनाव और यांत्रिकी जीवन प्रणाली के कारण मस्तिष्कगत रक्तस्राव(Brain hemorrhage) की घटनाएं आम होती जा रही हैं ।
शारीरिक एवं मानसिक विकलांगता एवं लकवा से लेकर दर्दनाक मौत का कारण बनने वाले ब्रेन हेमरेज के प्रकोप में आज तेजी से वृद्धि हो रही है। एक समय मुख्य तौर पर अधिक उम्र के लोगों को अपना शिकार बनाने वाला मस्तिष्कगत रक्तस्राव आज कम उम्र के लोगों को भी अपना ग्रास बना रहा है ।

Brain hemorrhage ke कारण एवं लक्षण -

1-उच्च रक्तचाप ( High blood pressure)
2-एन्यूरिज्म और आरटीरियो वीनस मालफार्मेशन (A.B.M.)

 3-डायबिटीज, मोटापा, मद्यपान, भागदौड़, दिमागी तनाव और धूम्रपान आदि ब्रेन हेमरेज की आशंका को बढ़ाते हैं ।
4-मधुमेह रोगी तथा हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्ति जो कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में नहीं रखते हैं, उनमें दिमाग की नस फटना आम बात है ।लेकिन कभी-कभी सामान्य रक्तचाप वाले लोगों की भी दिमाग की नस फट जाती है जिसे स्पोंटेनियस हेमरेज कहते हैं ।ऐसा मस्तिष्क के अंदर एन्यूरिज्म या आरटिरियोवीनस माल फार्मेशन के कारण होता है ।एन्युरिज्म  में दिमाग में खून की नलियों के अंदर एक गुब्बारे जैसा बन जाता है और जब यह गुब्बारा बीमारी की वजह से फट जाता है तो रोगी को ब्रेन हेमरेज हो जाता है और रोगी अचेत हो जाता है ।जबकि आरटिरियो वीनश  माल फॉर्मेशन में दिमाग मे खून  की नसों का एक असामान्य गुच्छा बन जाता है ।ऐसा माना जाता है कि यह गुच्छा पैदाइशी होता है और व्यक्ति की उम्र बढ़ने के साथ-साथ यह भी बढ़ता रहता है और एक ऐसी अवस्था आती है कि मस्तिष्क का ज्यादा से ज्यादा खून  इस आरटिरियो वीनश मालफॉर्मेशन से होकर जाने लगता है ,जिसकी वजह से मस्तिष्क की दूसरी क्षेत्र को रक्त की आपूर्ति नहीं मिल पाती है ।इस स्थिति को स्टि लिंग फिनोमेना कहते हैं और इसमें आरटिरियो  वीनश मालफॉर्मेशन मस्तिष्क के दूसरे क्षेत्र में रक्त की आपूर्ति कम करके अधिकांश रक्त को अपने अंदर इकट्ठा कर लेता है जिसकी वजह से वह फट जाता है। इन दोनों ही बीमारियों में आकस्मिक अवस्था में ही रोगी का इलाज जरूरी हो जाता है।
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 ब्रेन हेमरेज का निदान एवं उपचार-

 एन्यूरिज्म का रोगी अगर गुब्बारा फटने के 4 घंटे के अंदर न्यूरो सर्जरी की किसी अच्छे अस्पताल में पहुंच जाता है तो उसकी एंजियोग्राफी करके बीमारी का पता लगाया जा सकता है व तुरंत ऑपरेशन के जरिए फटे हुए गुब्बारे को एक विदेशी क्लिप के जरिए सील कर दिया जाता है ।इस एन्यूरिज्म का इलाज पहले 24 से 48 घंटे के अंदर नहीं हो पाने पर इसके दोबारा फटने की आशंका आशंका बहुत ज्यादा होती है ।
यदि पहले ब्रेन हेमरेज से  रोगी बच भी जाता है तो एन्यूरिज्म  के दूसरी या तीसरी बार फटने पर रोगी का जीवित रहना असंभव हो जाता है ।इसी प्रकार आरटीरियो वीनश मालफॉर्मेशन  में रोगी का तत्काल इलाज होना जरूरी है ।
2-आरटिरियो वीनश मालफार्मेशन में रक्तश्राव होने पर एंजियोग्राम से इसका पता चल जाता है और एंजियोग्राम  के माध्यम से ही कई बार आरटिररियो वीनश मालफार्मेशन  को बंद कर दिया जाता है। इसके लिए एंजियोग्राम करते समय ही विदेशों से आयातित छोटे छोटे सिंथेटिक वाल  को  एंजियो ग्राम की नली के द्वारा मस्तिष्क के आरटिरियो  बिनश माल फार्मेशन के गुच्छे के  अंदर डाल दिया जाता है ,जिससे रक्त की आपूर्ति करने वाला गुच्छा इन कृत्रिम वाल के द्वारा बंद हो जाता है और उस में रक्त की पूर्ति नहीं हो पाती है जिससे मस्तिष्क के दूसरे हिस्से में रक्त की आपूर्ति होने लगती है ।यह भी देखा गया है कि कृत्रिम वाल द्वारा आरटीरियो वीनश कुछ हद तक तो बंद हो जाता है ,लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हो पाता क्योंकि ये नाडियां या तो इतनी मोटी होती हैं कि वाल उसमें छोटी पड़ जाती है या इतनी छोटी होती है कि उसमें वाल बनती ही नहीं है ।ऐसी अवस्था में उस आरटीरियो वीनश  मालफॉर्मेशन को ऑपरेशन करके निकाल दिया जाता है ।क्योंकि रक्त की नसों का गुच्छा एमोलाइजेशन करने के बाद छोटा हो जाता है जिससे इस का ऑपरेशन आसान हो जाता है ।एन्यूरिज्म और  आरटीरियो वीनश malformation का पता  हालांकि MRI से ही  लग जाता है लेकिन पक्के। तौर पर  इसका पता लगाने के लिए सेरिब्रल एंजियोग्राफी करना बहुत जरूरी हो जाता है। इससे यह भी पता लग जाता है कि किस तरह से आपरेशन करना है और उसमें कितना समय लगेगा।
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एन्युरिज्म या आर्टिरियो वीनश मालफार्मेशन के कारण  होने वाला ब्रेन हेमरेज युवा और मध्य वर्ग के लोगों में ज्यादा पाया जाता है ।
जबकि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के कारण होने वाला ब्रेन हेमरेज वृद्ध लोगों में अधिक होता है ।इसलिए जिस परिवार में किसी व्यक्ति को डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं रही हो और उस परिवार के किसी व्यक्ति को ब्रेन हेमरेज हो जाता है तो उसका कारण डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर नहीं होता बल्कि उस में 70 से 80% तक की संभावना एन्युरिज्म व आरटिरियो वीनश मालफार्मेशन की होती है।

 एन्युरिज्म और  आरटीरियो वीनश मालफॉर्मेशन ज्यादातर 20 से 40 वर्ष के लोगों को ही होती है और इन्हीं लोगों पर परिवार और समाज की जिम्मेदारी होती है इसीलिए ऐसे मामलों में जरा भी देर नहीं करनी चाहिए।
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 पिछले कुछ वर्षों में ब्रेन ट्यूमर के रोगियों की संख्या में काफी अधिक वृद्धि हुई है। UK ब्रेन ट्यूमर सोसाइटी के अनुसार पिछले 30 वर्षों में यह 50% तक बढ़ गया है । ब्रेन ट्यूमर के मरीज या तो बहुत युवा व्यक्ति या बहुत वृद्ध व्यक्ति होते हैं ।परंतु विशेषज्ञ अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं कि युवा या वृद्ध व्यक्तियों को ही ब्रेन ट्यूमर क्यों होता है।


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