What is vitamins , types and sources of vitamins

विटामिन क्या है
  विटामीन  शब्द ग्रीक शब्द vita  से निर्मित है जिसका अर्थ है -जीवन और min का अर्थ है -तत्व  ।इस प्रकार संपूर्ण विटामिन शब्द का अर्थ होता है "जीवन तत्व "इसे जीवनीय द्रव्य भी कहते हैं ।
जीवन तभी सुखमय  रह सकता है जबकि शरीर के लिए विभिन्न जीवन तत्व  (vitamins )की आवश्यकता पूरी हो।
 विटामिनों की अनुपस्थिति में मनुष्य शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित हो जाता है ।
उनके चेहरे पर  झुर्रियां पड़ जाती हैं ,पाचन शक्ति कमजोर पड़ जाने के कारण भूख नहीं लगती है ,शरीर की शक्ति एवं मनोबल कमजोर पड़ जाने के कारण आलस्य लापरवाही और क्रोध धर दबाता है।

 स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जितना भोजन आवश्यक है उतना ही विटामिन भी। एक प्रकार से विटामिन सहायक भोज्य पदार्थ है।
OurFood

Health

विटामिंस के स्रोत -
अब यह बात जानी जा चुकी है कि विटामिन वनस्पति जगत द्वारा तैयार किए जाते हैं ।वनस्पति जगत से यह जांगम सृष्टि में पहुंचते हैं ।कुछ विटामिन जानवरों के शरीर के कुछ विशेष तंतुओं में अधिक मात्रा में एकत्र होने की क्षमता रखते हैं ।उदाहरण के लिए विटामिन ए और डी मछलियों के यकृत में बहुत अधिक मात्रा में एकत्र रहते हैं और इसीलिए उनके लीवर से निकाला गया तेल इन विटामिनों का विशेष धनी होता है ।
गाय के दूध में विटामिन ए की मात्रा उसके चारों में उपस्थित विटामिनों की मात्रा पर निर्भर करती है भूसे पर आश्रित गायों के दूध में विटामिन नाम मात्र का ही होता है और दूसरी ओर हरे चारे पर आश्रित गायों का दूध विटामिन की अधिक मात्रा वाला होता है ।
 vitamins हरी घास खाने वाले पशुओं के दूध ,Jigar तथा अंडों आदि मे अधिक मात्रा में पाए जाते हैं ।इसके अतिरिक्त हरी व ताजी सब्जियों, फल फूल, हरे पत्तों ,मेवो, हरे चने ,मटर ,टमाटर, संतरे, नींबू, आदि मे तथा अनाजों की ऊपरी सतह पर दालों के छिलकों के भीतर भी अधिक मात्रा में पाया जाता है ।विटामिन ई भोजन के सब पदार्थों में नहीं होता है परंतु गेहूं के आटे के चोकर में अधिकतर मिलता है।
 नए नए प्रयोगों तथा परीक्षणों से ज्ञात हो चुका है कि प्रोटीन ,वसा ,कार्बोहाइड्रेट ,शक्कर ,लवण तथा जल वजन रखने वाले तथा दिखलाई देने वाले पदार्थों के अतिरिक्त कुछ दूसरे पदार्थ भी हमारे भोजन में सम्मिलित हैं जिसका कुछ वजन नहीं होता परंतु उसके लाभ बहुत हैं । विटामिन हमारे शरीर को रोगों से मुकाबला करने में सहायता देते हैं तथा इनका अभाव हमारे शरीर में रोग उत्पन्न करने का कारण होता है ।यदि अधिक समय तक हमें भोजन में विटामिन ना मिले तो हम रोगी हो जाते हैं ।
हमारी शारीरिक कमी का कारण जलवायु कम और पोस्टिक भोजन में विटामिन की कमी होना अधिक है ।मांस में विटामिंस बहुत कम होते हैं ।
जिस प्रकार किसी बस, रेल अथवा कार को चलाने के लिए ईंधन पेट्रोल या डीजल आदि की आवश्यकता होती है उसी प्रकार इन वाहनों को थोड़ी मात्रा में मोबिल आयल की भी आवश्यकता हुआ करती है ताकि वह बिना किसी रगड़ के बिना रुकावट के बराबर चलती रहे ठीक इसी प्रकार हमारे  शरीर के लिए भी विटामिन कार आदि वाहनों के तेल की तरह हैं ।शरीर के सभी अंगों को ठीक-ठाक काम करने की अवस्था में रखने के लिए इनका होना अत्यंत आवश्यक है ।
सच्चाई यह है कि यह विटामिनें हमारे भोजन में बहुत कम मात्रा में पाए जाते हैं। चावल के दानों से भी कम विटामिनों का हमारे शरीर के प्रत्येक भाग पर प्रभाव पड़ सकता है।
 अभी तक हमें जिन विटामिनों का पता चला है वह निम्नलिखित है--
 वसा में घुलनशील विटामिन--
 विटामिन ए
 विटामिन डी
 विटामिन ई
 विटामिन के
 विटामिन एफ
जल में घुलनशील विटामिन--
 विटामिन सी ,विटामिन( पी)
विटामिन बी
विटामिन बी के  प्रमुख सदस्य --
विटामिन बी1
 विटामिन बी 2
विटामिन बी 6
विटामिन बी 7
विटामिन बी12
फोलिक एसिड
फोलिनिक एसिड
इनके अलावा अन्य विटामिन
 विटामिन H
विटामिन M
पैरा एमिनो बेंजोइक एसिड (विटामिन बी का सदस्य)
एडैनिलिक एसिड
कोलीन
यीस्ट

 इत्यादि
 विटामिनों का प्रयोग लाभदायक ही नहीं बल्कि अत्यधिक प्रयोग हानिकारक भी है

Effects and side effects of vitamins
Previous
Next Post »