Low blood pressure kya hota hai,causes , symptoms and treatment

लो ब्लड प्रेशर क्या है-
यह हाई ब्लड प्रेशर की बिल्कुल विपरीत अवस्था होती है ।इस रोग में दिल के सिकुड़ने (systole)पर धमनी का दबाव वयस्क पुरुषों में 110 मिलीमीटर और वयस्क स्त्रियों में 105 मिली मीटर से भी कम रहता है। कई रोगियों को अस्थाई रूप से कभी-कभी ब्लड प्रेशर स्वस्थ अवस्था से कम हो जाता है परंतु रोग की अधिकता में हर समय ब्लड प्रेशर कम रहने लग जाता है ।जब रोगी में लेटने के बाद बैठने या खड़े होने पर यानी अवस्था बदलने पर ब्लड प्रेशर कम हो जाए तो इस अवस्था को अल्प रक्त दाब कहते हैं ।जब किसी मनुष्य का ब्लड प्रेशर 100mm या इससे भी कम रहने लग जाए तो इसको अल्प रक्तचाप के नाम से जाना जाता  है ।
 लो ब्लड प्रेशर का यह अर्थ है कि रोग से पीड़ित मनुष्य की जीवनी शक्ति (vitality )कमजोर हो चुकी है। जीवनी शक्ति घट जाने के कारण मनुष्य उत्साहहीन हो जाता है ,कोई काम करने को दिल नहीं चाहता है ,थोड़ा काम करने पर थक जाता है ,खड़ा होने पर आंखों में अंधेरा और बेहोशी आने जैसे लक्षण पैदा हो जाते हैं और रोगी गिरने से बचने के लिए बैठ या  लेट जाता है।
 लो ब्लड प्रेशर होने के कारण-
 लेटने, नींद ,अत्यधिक थकावट ,स्त्री को मासिक आने के समय ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।
 बड़ी आयु शांत स्वभाव, गरम देशों के लोगों में ब्लड प्रेशर कम हो जाया करता है। सदमा, शाक, बेहोश हो जाना, रक्त में विषैले प्रभाव हो जाना, शरीर में कीटाणुओं के इन्फेक्शन, कमजोर कर देने वाले पुराने रोगों,फेफड़ों की क्षय कि अंतिम स्टेज ,शरीर से बहुत रक्त निकल जाना ,रक्त की कमी ,स्नायुओं की कमजोरी ,जोड़ों की पुरानी शोथ, ह्रदय रोग ग्रस्त हो जाने, हृदय के कपाटों के रोग ,हृदय की मांसपेशी की शोथ, पिट्यूटरी, थायराइड और एड्रिनल ग्लैण्डो में हार्मोन पर्याप्त मात्रा में पैदा ना होने , Addison's रोग (इस रोग में एड्रिनल ग्लैंड अपना कार्य करने में असमर्थ हो जाता है) grave's रोग में गले की थायराइड ग्लैंड अधिक कार्य करने के कारण रोगी की आंखों के ढेले बाहर निकल जाते हैं और रोगी को घातक  गिल्ह ड़ रोग हो जाता है ।टाइफाइड , अंतडियो के संक्रामक रोग ,डिप्थीरिया ,न्यूमोनिया ,टांसिल का संक्रमण, दांतों में कीड़ों की सड़ांध, पायरिया, और अंतडियों के विषैैले प्रभाव शरीर में चले जाने पर ,अधिक दस्त, पसीना, रक्त की आंव ,और शरीर का  तरल निकल जाने , स्त्रियों को वर्षों तक मासिक अधिक मात्रा में आते रहने से उनका अत्यधिक रक्त व तरल निकल जाता है ।
हैजा के रोगी को बार बार दस्त और कै आते रहने ,पाचनांगों  की कमजोरी से भोजन पचकर उसका रक्त न बनने या शक्तिशाली विटामिन,मिनरल्स और प्रोटीन युक्त भोजन ना मिलने से तथा शरीर में विटामिन बी की कमी, देर तक एक ही स्थान पर खड़े रहने एवं ऑपरेशन के बाद की कमजोरी की अधिकता आदि से भी low blood pressure हो जाता है।

High blood pressure kya hota hai,causes and symptoms

Thyroid kya hota hai,causes and symptoms

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण-
 शारीरिक या मानसिक श्रम करने या खड़े होने पर शीघ्र थक जाना ,आंखों के सामने अंधेरा आ जाना, बेहोशी आती सी प्रतीत होना, मानसिक कमजोरी ,छाती और पेट के भीतरी अंगों का रक्त परिसंचरण  रुक जाने से सांस लेने में कष्ट होना ,जीवनी शक्ति कम हो जाना, अधिक सर्दी लगना, चेहरा और शरीर पीला या निस्तेज हो जाना, रोगी का मांस ढीला और पीलपीला हो जाना ,स्मरण शक्ति का अभाव, सोचने की शक्ति घट जाना, नींद ना आना, सिर दर्द होना, पाचनांगों में दोष और भोजन पच कर शरीरांश न बनना -ये लो ब्लड प्रेशर के रोगी के लक्षण हैं ।
कई मनुष्य ऐसे भी होते हैं जो प्रत्येक प्रकार से स्वस्थ होते हैं परंतु उनका ब्लड प्रेशर नार्मल से कम होता है उनको किसी भी प्रकार के कष्ट रोग या लक्षण पैदा नहीं होते हैं, ऐसी अवस्था में चिंता अथवा चिकित्सा करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है ।
Infection kya hai,isse hone wale diseases

लो ब्लड प्रेशर की प्राकृतिक चिकित्सा-
 ब्लड प्रेशर बहुत गिर जाने ,और मूर्छा जैसे लक्षण पैदा हो जाने पर रोगी को आराम से बिस्तर पर लिटा दें ।कमीज के बटन खोल दे ।तंग और कसा हुआ कपड़ा बदन से उतार दे। रोगी के सिर को बाकी शरीर से नीचा कर दें। रोगी की चारपाई के पांव की ओर नीचे  ईट रखकर एक से 2 फुट ऊंचा कर दें ताकि तमाम शरीर का रक्त मस्तिष्क में पहुंच जाए ।शरीर को गर्मी पहुंचाएं ।दिल में शक्ति और उत्तेजना देने वाली औषधियों का प्रयोग करें ।
यह रोग शरीर में रक्त की कमी और कमजोरी से होता है इसलिए रोगी को प्रोटीन युक्त भोजन जैसे दूध, पनीर ,अंडे ,मक्खन ,सूरजमुखी के फूलों की गिरी, बादाम ,मांस का पकाया हुआ रस इत्यादि अधिक मात्रा में दें ।यदि रोगी को दस्त  या   कै अधिक आने से अथवा रक्त निकल जाने से उनकी शरीर का तरल कम हो चुका हो तो उसको बार-बार पानी, दूध ,फलों का रस पीने को दें।
Previous
Next Post »